किसान कर्ज माफ़ी के नाम पर बैंक और दलालों का फर्जीवाड़ा,३१ लाख फर्जी आवेदन निरस्त. कारवाई की मांग.

( महेश शर्मा)

किसान कर्ज माफ़ी योजना के तहत राज्य के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणविस ने पहले बैको द्वारा वैध किसानो के आवेदन मंगवाए थे जिसमे बैको ने ८९ लाख किसानो के कर्ज माफ़ी के आवेदन जमा किये, राज्य सरकार ने इसमें गड़बड़ी की आशंका से बको द्वारा जमा किये आवेदनों को निरस्त कर दिए. और राज्य भर के किसानो को आन लाइन आवेदन करने का निदेश जारी किया.राज्य सरकार के इस निर्णय का विरोधियो ने जमकर विरोध किया लेकिन कल आवेदन भरने की अंतींम तारीख थी, और कर्ज माफ़ी के लिए आवेदन करने वाले किसानो की संख्या ८९ लाख से घाट कर ५८ लाख हो गयी. मतलब बैंको ने ३१ लाख फर्जी किसानो का रजिस्ट्रेशन किया.

ज्ञात हो कि राज्य सरकार ने ओनलाइन आवेदन में किसानो के जमीन के कागजात के साथ उनके पहचान पत्र और पुरे परिवार का ब्योरा मंगवाया था.राज्य सरकार की मंशा साफ़ थी जो भी जरूरतमंद और वैध किसान हो उनकी कर्ज माफ़ी हो, उन्हें मदद मिले जिन्हें मदद की दरकार है.और इसमें दलाओ को दूर किया जा सके.

लेकिन राज्य सरकार के किसानो के कर्ज माफ़ी का आवेदन आन लाइनभरने का विरोध यहा के सभी विरोधी दलों ने जमकर किया, उन सब की मांग थी की किसानो को नगद राशि भुगतान की जाए/ औरअपने निर्णय पर अड़े रहने के कारण राज्य सरकार पर तरह तरह के आरोप लगे,

लेकिन अपने धुन के पक्के राज्य के मुख्यमंत्री फ़डणविस और उनकी टीम ने विरोधियो की एक नहीं सुनी. और शनिवार को कर्ज माफ़ी के आवेदन आनलाइन भरने की आखरी तारीख थी.ओर्र राज्य भर के कुल १ करोड़ ४ लाख किसानो ने आन लाइन रजिस्ट्रेशन किया. जिसमे कर्ज माफ़ी के लिए किसान आवेदकों की संख्या ५८ लाख रह गयी, कही से किसानो के आवेदन भरने में तालीफ़ होने का विरोध बहस नहीं हो रहा , विरोधी दल भी इस मुद्दे पर चुप हो गए है.

ऐसे में राज्य सरकार के लिये एक प्रश्न खड़ा हो गया है कि राज्य भर से बैंको ने कर्ज माफ़ के लिए जो ८९ लाख किसानो के रजिस्ट्रेशन किये थे उनमे ३१ लाख किसान कोन. जबकि कर्ज माफ़ी के लिए सिर्फ ५८ लाख लोगो ने ही ऑनलाइन आवेदन किया तो फिर ३१ लाख ज्यादा किसानो के कर्ज माफ़ी का आवेदन बैंको के पास कैसे आया. कही यहाँ भी फर्जी कागजातों और दलालों ने फर्जीवाड़ा तो नहीं किया. राज्य सरकार द्वारा इसकी जांच कर दोषी बैंको व् मध्यस्थो पर कड़ी कारवाई की मांग भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश सचिव नरेंद्र पवार ने राज्य के मुख्यमंत्री से की है.

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