भाजपा जल्द ही बनाएगी कर्नाटक में सरकार.

( राजेश सिन्हा )

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत पर संदेह उसी समय से उत्पन्न होने लगा था जब दो-तीन महीने पहले से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह अपने भाषण में उड़ीसा विजय की बात करते थे पश्चिम बंगाल जीतने की बात करते थे लेकिन इन सब से पहले होने वाले कर्नाटक चुनाव में पर कोई जीत का दावा नहीं करते दिखे.

भाजपा स्थापना दिवस पर मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में भी अमित शाह ने कर्नाटक जीतने का दावा नही किया, उनके पूरे भाषण में कहीं भी कर्नाटक चुनाव का जिक्र नहीं था या उन्होंने कर्नाटक जीतने का जिक्र नहीं किया था यह तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, योगी आदित्य नाथ जैसे नेताओं की लगातार रैली और कड़ी मेहनत और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की कार्य कुशल नेतृत्व का परिणाम है कि भारतीय जनता पार्टी सत्ता के बिल्कुल करीब पहुंच गई

कर्नाटक विधानसभा  की 224 में से 104 सीट की जीत भाजपा के लिए आसान नहीं मानी जा सकती. इस चुनाव में कांग्रेस को ७४ सीट और जनता दल सेकुलर को ३८ सीट मिली है. जबकि 3 निर्दलिये भी जीते है.आज मंगलवार को घोषित चुनाव परिणाम के शाम को ही कांग्रेस द्वारा आनन फानन में  जनता दल सेकुलर के मुख्यमंत्री के दावेदार एच डी कुमार स्वामी का विना शर्त समर्थन देने का की घोषणा कर दी.कर्नाटक में कांग्रेस समर्थित जदयू की सरकार बनना निश्चित हो गया है

 

 

एच डी कुमार स्वामी द्वारा राज्यपाल को सौपा गया पत्र

हालाँकि राज्य में 104 सीट लेकर विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण भाजपा नेतृत्व राज्यपाल से राज्य में सरकार बनाने का दावा कर सकती थी लेकिन भाजपा सूत्रों के अनुसार राजनीति के मंजे हुए खिलाड़ी की तरह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने एक कदम पीछे लेने का निर्देश कर्नाटक के भाजपाइयों को दिया है और उन्हें  वेट एंड वॉच की स्थिति में रहने का निर्देश दिया है. ऐसे में इसी क्रम में अगले 6 महीने से साल भर के अंदर कर्नाटक में भी बिहार की तर्ज पर भाजपा समर्थित सरकार बन जाए तो कोई आश्चर्य नहीं होगा.क्योकि दो दिन पहले ही एच डी कुमार स्वामी ने भाजपा को कर्नाटक में सरकार बनाने में समर्थन देने की बात कही थी.लेकिन पिता एच डी देवगौड़ा की चेतावनी पर उन्होंने कांग्रेस को समर्थन दिया.

वैसे भी कांग्रेस का आज तक का इतिहास रहा है चाहे बात केंद्र की गैर कांग्रेसी सरकार की हो या फिर किसी भी राज्य की गैर कांग्रेसी सरकार की हो हर बार कांग्रेस आगे आकर समर्थन तो दे देती है  लेकिन बिना कोई पूर्व सूचना के उनसे समर्थन वापस लेने का भी इतिहास आज तक कांग्रेस के साथ ही जुड़ा है ऐसे में जनता दल सेक्युलर और कांग्रेस का गठबंधन कितना दिन तक कर्नाटक में टिका रहेगा यह  समय ही बताएगा

Please follow and like us:
error

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error

Enjoy this blog? Please spread the word :)

Facebook
Twitter
YouTube
Follow by Email