पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख मामले में अनेक दबाव के बावजूद ED सक्रिय, देशमुख के पीए और पीएस दोनो गिरफ्तार ।

कल गुरुवार सुबह से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के नागपुर और मुंबई के वर्ली स्थित निवास पर छापेमारी की।

हालांकि राज्य में सत्ताधारी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार के साथ पूरी पार्टी अपने दल के नेता अनिल देशमुख के साथ खड़ी दिखी और दिन भर विरोध में बयानबाजी चलता रहा लेकिन इन दबाव के बावजूद कहीं से भी ईडी पर इसका असर नहीं दिखा।

देर रात ईडी के अधिकारियों ने पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के पिए कुंदन शिंदे और पीएस सचिन पलांडे को गिरफ्तार कर लिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कल सुबह से ही ईडी ने अनिल देशमुख के नागपुर और मुंबई के वर्ली स्थित निवास पर छापेमारी शुरू कर दी थी जो कि देर रात तक चली।

इसी दौरान ईडी ने देशमुख के पिए और पी एस के घरों की भी तलाशी जारी रखी थी और ठोस सबूत मिलने पर इन दोनों की गिरफ्तारी किए जाने की जानकारी ईडी द्वारा सार्वजनिक की गई है

महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के PA कुंदन शिंदे और PS संजीव पलांडे को ED ने देर रात गिरफ्तार कर लिया। दोनों PMLA (Prevention of money laundering act) के तहत गिरफ्तार हुए ।

कल पूरे दिन देशमुख के नागपुर और मुंबई निवास पर रेड के बाद इडी के अधिकारी शिंदे और पलांडे को लेकर अपने बेलार्ड पियर इस्टेट ऑफिस गई और आधी रात को दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

ज्ञात हो कि मुंबई पुलिस आयुक्त पद पर रहे परमिंदर सिंह ने राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर यह आरोप लगाया था कि गृह मंत्री ने उनसे मुंबई में चल रहे हैं डांस बार से हर महीने 100 करोड़ रूपए वसूल कर देने की शर्त रखी थी
इस बात पर तत्कालीन पुलिस आयुक्त परमिंदर सिंह तैयार नहीं हुए थे इसीलिए उन्हें मुंबई पुलिस आयुक्त पद से हटा दिया गया।

आयुक्त पद से हटाए जाने के बाद परमिंदर सिंह ने यह बात सार्वजनिक कर दी थी इसके बाद इसकी जांच सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) के पास चली गई थी और फिर इस मामले में ईडी का आना स्वाभाविक था ।

हालाकि गुरुवार को अपने बचाव में पूर्व गृह मंत्री देशमुख ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए एक बार फिर कहा कि पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त जब मुंबई पुलिस आयुक्त पद पर थे तब यह आरोप क्यों नहीं लगाया उन्होंने यह आरोप उनके पद से हटाए जाने के बाद ही क्यों लगाया।

इस मामले में राकपा सुप्रीमो शरद पवार ने भी अपने दल के सिपाही अनिल देशमुख का ही साथ दिया।

उन्होंने भी कल पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राकपा नेताओं को ऐसे आरोप-प्रत्यारोप झेलने की आदत हो गई है और जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उनके अनुसार पूरा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अनिल देशमुख के साथ है।

हालांकि कल ही ईडी ने यह खुलासा किया था कि मुंबई के 10 डांस बार मालिको से अनिल देशमुख द्वारा ४ करोड़ रुपए लगातार तीन महीने वसूली की गई थी।

ED ने मुंबई के इन 10 डांस बार मालिकों का बयान भी दर्ज किया है और इसी आधार पर गृह मंत्री के पी ए और पी एस की गिरफ्तारी पक्के सबूत मिलने के बाद ही की गई है।

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