चला गया निशान ए इम्तियाज़ , मोहम्मद युसूफ खान।

(कर्ण हिंदुस्तानी )
भारतीय फिल्मों के ट्रेजडी किंग कहे जाने वाले और पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान ए इम्तियाज़ पाने वाले अभिनेता मोहम्मद युसूफ खान उर्फ़ दिलीप कुमार का आज सुबह मुंबई में निधन हो गया। दिलीप कुमार ९८ साल के थे।
अखंड हिन्दुस्तान के पेशावर में ११/१२/१९२२ को जन्मे युसूफ खान का परिवार पाकिस्तान बनने के बाद भारत में रहने आ गया। मात्र बाइस साल की उम्र में युसूफ खान ने अपना नाम बदल कर दिलीप कुमार रख लिया और १९४४ में उन्हें पहली फिल्म ज्वार भाटा मिली। फिल्म ने कुछ ख़ास चमत्कार नहीं दिखाया और उसके १९४९ में फिल्म आयी अंदाज़ , इस फिल्म ने दिलीप कुमार को हिट कर दिया। इसके बाद तो १९५१ में दीदार , १९५५ में देवदास और १९६० में मुगल ए आज़म फिल्म आयी। इस फिल्म में दिलीप कुमार ने सलीम का किरदार निभाया था। यह फिल्म आज भी लोगों की पसंदीदा फिल्मों में गिनी जाती है।कोहिनूर , लीडर , आज़ाद और नया दौर जैसी फिल्मों के नायक दिलीप कुमार ने १९६१ में गंगा – जमुना फिल्म का निर्माण भी किया। दिलीप कुमार ने ४४ साल की उम्र में अपने से आधी उम्र की नायिका सायरा बानू से शादी की। इसके बाद १९८० में दिलीप कुमार ने आसमां नामक महिला से दूसरी शादी की लेकिन यह शादी दो तीन साल तक ही रही। सायरा बानू आखिर तक दिलीप कुमार की बीवी बनी रही। १९८० में ही दिलीप कुमार को मुंबई का शरीफ बनने का सौभाग्य भी मिला। राजयसभा सांसद रहे दिलीप कुमार १९९५ में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कई बार फिल्म फेयर अवार्ड जीत चुके दिलीप कुमार १९७० के बाद चरित्र भूमिकाएं करना शुरू कर दिया था और विधाता , दुनिया , मशाल , कर्मा , इज़्ज़दार , सौदागर जैसी फिल्में कीं। १९९८ में आयी फील किला दिलीप कुमार की आखिरी फिल्म थी।

Please follow and like us:
error

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error

Enjoy this blog? Please spread the word :)

Facebook
Twitter
YouTube
Follow by Email