तीन पुलिसकर्मी पुलिस स्टेशन से चला रहे थे हनी ट्रैप रैकेट, निलंबित

 

मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में युवाओं के वीडियो, फोटो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। ब्लैकमेलिंग की गैंग थाने से ही SI जय नलवाया चला रहा था। इसमें महिला हेड कांस्टेबल ज्योति मांझी और कांस्टेबल मनोज वर्मा और एक महिला शामिल थी। गैंग में शामिल सुनीता ठाकुर युवाओं को होटल लेकर जाती थी और वहां वीडियो और फोटो शूट करती थी। इसके बाद ये पुलिसकर्मी महिला के साथ मिलकर युवाओं को डरा-धमका कर रुपए वसूलते थे।

मामला तब खुला जब पुलिसकर्मियों ने गैंग में शमिल महिला को वसूली में से कम रुपए दिए। उसने एसपी से शिकायत की। तीनों को निलंबित करने के बाद एसपी ने विभागीय जांच शुरू की है।

महिला सेल प्रभारी डीएसपी आशुतोष पटेल मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में पुलिस को 9 शिकायती आवेदन मिले। जिन पर कोतवाली थाने की सील अंकित है, लेकिन 7 आवेदन का रिकाॅर्ड कोतवाली में नहीं है। थाने के बाहर की इन शिकायत पत्रों के माध्यम से ब्लैकमेलिंग गैंग की महिला और तीनों पुलिसकर्मी युवाओं को डराकर रुपए वसूलते थे।

इधर कोतवाली थाने में फरियादी भविष्य वाधवानी द्वारा की एफआईआर में फरार गैंग की महिला सुनीता ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में नई बातें ओर सामने आएगी।

पुलिस के मुताबिक जांच में महिला सुनीता ठाकुर द्वारा दिए गए 9 शिकायती आवेदन मिले हैं। सभी आवेदन पर कोतवाली थाने की सील लगी है। शिकायती पत्रों में खास बात है कि 7 आवेदन में ही एक जैसी हैंड राइटिंग और एक जैसे कागज पर लिखे हैं।

शिकायती पत्रों पर न तारीख का उल्लेख और न शिकायत करने वाले के ठीक तरह से हस्ताक्षर हैं, जो सिर्फ साधारण कागज पर लिखे शिकायत जैसे हैं। महिला ने जिनकी शिकायत की, उन पर शोषण करने और रुपए न देने के आरोप लगाए हैं।

हनी ट्रैप गैंग की महिला और 3 पुलिसकर्मियों की ब्लैकमेलिंग का खेल पिछले चार-पांच माह से जारी था। हर बार किसी नए युवक, व्यक्ति से होटल या रूम पर ले जाकर महिला वीडिया, फोटो बनाती थी। इसके बाद पुलिस को बुला लेती और ब्लैकमेल करती थी। अभी तक 6 लोगों से महिला और पुलिसकर्मी ब्लैकमेल कर किसी से 20 हजार, 50 हजार व 80 हजार रुपए ले चुके है।

ये पीड़ित इटारसी, होशंगाबाद, आंवलीघाट के रहने वाले है। आंवलीघाट के युवक से 50 हजार रुपए लिए। सातवीं वारदात इन्होंने सलकनपुर के सुशील मालवीय के साथ की। नर्मदा नदी के पास एक होटल में मिले थे। उसी दौरान पुलिसकर्मी वह जा पहुंचे। मामले में उस युवक से दो बार में साढ़े 7 लाख रुपए लिए गए। लेकिन गैंग की महिला को केवल 2 हजार रुपए ही पुलिसकर्मियों ने दिए। इससे महिला नाराज होकर 7 जून को कोतवाली थाने, एसपी को उसने शिकायत की।

इसमें तीनों पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया कि इन्होंने मेरे नाम से झूठे मामले में ठगी की। एसआई श्रद्धा राजपूत ने मामले की जांच की। महिला से थाने की सील लगे आवेदन और बयान लिए। जांच में तीनों पुलिसकर्मियों के शामिल होने की पुष्टि हुई। एसपी ने तीनों पुलिस कर्मियों को तत्काल निलंबित किया।

काेतवाली के सब इंस्पेक्टर जय नलवाया का भ्रष्टाचार व अन्य मामले में विवादों में पुराना नाता रहा है। करीब एक साल पहले रेत की अवैध वसूली समेत अन्य विवादों के कारण रामपुर थाने से एसआई नलवाया को हटाया गया था। लाेकायुक्त पुलिस ने रामपुर थाने के कुछ स्टाफ काे रिश्वत लेते पकड़ा था।

इसमें जय नलवाया का नाम लेकर कुछ लाेग ढाबे वाले से रुपए वसूल रहा था। ऐसा वीडियाे जारी हुआ था। इस आधार पर नलवाया को हटाकर पुलिस लाइन में अटैच कर दिया था। बाद में वह काेतवाली में तैनात किया गया था। लोकायुक्त भाेपाल में केस का डिसीजन नहीं हुआ है।

कोतवाली थाने की महिला हेड कांस्टेबल ज्योति मांझी और कांस्टेबल मनोज वर्मा (मांझी) दोनों रिश्ते में भाई-बहन हैं। लंबे समय से दोनों होशंगाबाद जिला मुख्यालय पर ही तैनात हैं। ज्योति मांझी के पति अशोक मांझी भी पुलिस में है।

एसपी के अनुसार गैंग में हेड कांस्टेबल ज्योति मांझी आरोपी सुनीता ठाकुर के साथ मिली थी। वह भी नजर रखती थी। जहां लाेग फंसते दिखते थे, उन पर दबाव बनाती थी। महिला पुलिसकर्मी देखकर पुलिस डर जाते और रुपए दे देते। कांस्टेबल मनोज भी गैंग का सदस्य रहा। युवक, पुरुषाें काे डराकर रुपए लेता था। जाे रुपए मिलते थे, वे आपस में रख लेते थे।

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