चोर बना चौकीदार : गैंगस्टर नरेश चड्ढी मर्डर केस को जिस एसीपी ने ए-समरी किया था उसी को फिर गोधू कृष्णानी मामले की जांच

ABI NEWS

कल्याण के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अनिल पोवार की तो बल्ले-बल्ले है। इसी अनिल पोवार ने उल्हासनगर के गैंगस्टर नरेश चड्ढी हत्याकांड को ए-समरी कर दिया था। नरेश चड्ढी हत्याकांड के मुख्य आरोपी गोधू कृष्णानी और उसके बेटे प्रवीण कृष्णानी मुख्य आरोपी हैं। अब निरीक्षक भीमराव घाडगे मामले की जांच, जिसमें गोधू कृष्णानी भी आरोपी है, को उसी अनिल पोवार को जांच की ज़िम्मेदारी दी गयी है।

गोधू कृष्णानी के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज

अनिल पोवार पहले महात्मा फुले चौक पुलिस स्टेशन में वरिष्ठ निरीक्षक थे। तब इन्होंने खूब लूटपाट मचाई थी। बाद में ये यहीं पर एसीपी बनकर आ गए। लूटपाट तो जारी रखी है, एक कदम आगे यह किया कि इनकी सेक्स सीडी (मनीषा-पूजा) भी बाहर आ गयी। पीड़िता को 8 लाख रुपये देकर अनिल पोवार बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार होने से बच गए।

जांच रुकवाने आईपीएस रश्मि शुक्ला भी पहुंची हाईकोर्ट

शुरू से ही पोवार का चाल-चलन अच्छा नहीं था। नरेश चड्ढी हत्याकांड में इन्होंने तो हद ही कर दी। एफआईआर को ए-समरी कर दिया। गोधू कृष्णानी और उसका बेटा प्रवीण बरी हो गए लेकिन एबीआई और वकील दीपक मिश्रा के हस्तक्षेप से कल्याण कोर्ट ने केस को फिर से खोल दिया और अनिल पोवार से जांच की ज़िम्मेदारी छीन ली। गोधू कृष्णानी अभी भी फरार है और बॉम्बे हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्ज़ी दी हुयी है।

कल्याण के बाजार पेठ पुलिस स्टेशन में कार्यरत रहे इंस्पेक्टर भीमराव घाडगे ने 29 अप्रैल 2021 को अकोला शहर कोतवाली पुलिस स्टेशन में 33 आरोपियों के खिलाफ 27 धाराओं के तहत एफआईआर की है। इसमें गोधू कृष्णानी भी आरोपी है। यह एफआईआर अकोला से ट्रांसफर होकर बाजारपेठ पुलिस स्टेशन में आयी है। आश्चर्य है कि इस मामले की जांच अनिल पोवार को दी हुयी है। इंस्पेक्टर भीमराव घाडगे भी इससे खुश नहीं हैं।

एबीआई भी मांग करता है कि अनिल पोवार से छीनकर अम्बरनाथ डिवीजन के एसीपी विनायक नरले अथवा ठाणे के वर्तकनगर डिवीजन के एसीपी पंकज शिरसाट को जांच दी जाए।

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