बहू और सेंट्रल पुलिस स्टेशन की प्रताड़ना से तंग ठाणे पुलिस मुख्यालय पर धरना देगा लिफ्ट मैकेनिक

 

उल्हासनगर के शांतिनगर निवासी और पेशे से लिफ्ट मैकेनिक अशोक सरोज का कहना है कि जितना उनकी बहू दिव्या माने ने उनके साथ अत्याचार किया है उतना ही उल्हासनगर की सेन्ट्रल पुलिस ने भी। अब वे ठाणे पुलिस मुख्यालय के सामने धरना देंगे।

लिफ्ट मैकेनिक अशोक सरोज के अनुसार उनका १९ वर्षीय बेटा बिपिन सरोज और लगभग ३० वर्षीय दिव्या माने के साथ शादी बेमेल जोड़ी है. लगभग 3 महीने पहले हुई इस कथित शादी से पहले ही दिव्या माने को एक 10 वर्ष और एक 2 वर्ष का बच्चा है।

अशोक सरोज के अनुसार वे अपने ससुर के गत ३ अप्रैल को गुजर जाने के बाद ५ अप्रैल को गांव गए थे। इसी दौरान उनके बेटे की कथित पत्नी ने स्थानीय पुलिस की मदद से उनके घर का ताला तुड़वा दिया।

भुक्तभोगी अशोक सरोज की मांग है कि दिव्या माने के साथ-साथ इस मामले में मदद करने वाले उल्लासनगर के सेंट्रल पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर सुधाकर सुराडकर, इंस्पेक्टर राजेंद्र कोते, असिस्टेंट इंस्पेक्टर दीपक शिंदे तथा दो अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो।

9 जून 2021 को पत्र लिखकर सरोज ने थाने पुलिस आयुक्तालय के सामने धरना देने की सूचना पुलिस के आला अधिकारियों को लिखित रूप से दे दी है।

14 मई 2021 को ABI (Akela bureau of investigation, very popular news web portal of Mumbai) ने खबर प्रकाशित की थी कि दिव्या माने ने सेन्ट्रल पुलिस स्टेशन में अर्जी दी थी कि उसे अपने ससुर अशोक सरोज के बंद घर पर कब्ज़ा करना है।

पुलिस स्टेशन ने अर्जी तो स्वीकार कर ही ली साथ में दो कांस्टेबल्स भी भेज दिए, जिनके सामने दिव्या माने ताला तोड़कर घर में घुस गई।

पड़ोस की औरतों ने जब इसका विरोध किया तो कांस्टेबल्स ने धमकी दी कि पुलिस के काम में  इंटरफियर नही करने का। वर्ना उनके ऊपर केस कर देंगे।

एबीआई की रिपोर्ट पर अम्बरनाथ डिवीजन के एसीपी विनायक नरले ने इंक्वायरी की। सरोज की पड़ोसनों ने भी विनायक नरले को स्टेटमेंट दिया कि कांस्टेबल्स के सामने दिव्या माने ने ताला तोड़ा लेकिन विनायक नरले ने भी मामले में कोई एक्शन नहीं लिया।

इस भरी बरसात में अशोक सरोज बेघर हो गए हैं। पड़ोसी के घर में शरण लिए हुए हैं। सब जानते हुए भी सेन्ट्रल पुलिस उनके साथ न्याय नहीं कर रही।

अशोक सरोज कहते हैं सेन्ट्रल पुलिस स्टेशन का चक्कर लगाते-लगाते वे खुद शर्मिंदा हो गए हैं लेकिन पुलिस को शर्म नहीं आई। अब वे ठाणे पुलिस मुख्यालय के सामने धरना देंगे।

अशोक सरोज के वकील दीपक मिश्रा का कहना है कि अशोक सरोज ठाणे पुलिस मुख्यालय के सामने धरना तो देंगे ही। मैं सुधाकर सुराडकर, राजेंद्र कोते, दीपक शिंदे और दो अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ रॉबरी, ट्रेसपासिंग और एट्रोसिटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करवाऊंगा।

Please follow and like us:
error

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error

Enjoy this blog? Please spread the word :)

Facebook
Twitter
YouTube
Follow by Email