डॉक्टर से 10 लाख हफ्ता वसूलने के आरोप में दोषी, ४ पुलिस वाले पुलिस सेवा से बर्खास्त

नागपुर जिले के एक डॉक्टर से गिरफ्तारी और बदनामी का डर दिखा कर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में चार पुलिस वालो को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दंडित करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया है। नागपुर पुलिस आयुक्त डॉ भूषण कुमार उपाध्याय और संयुक्त पुलिस आयुक्त रविंद्र कदम द्वारा की गई कार्रवाई के कारण पुलिस बल ने सनसनी मचा दी है।दंडित किये गए पुलिस के नाम सब-इंस्पेक्टर प्रवीण घोड़ाम, रविराज हालामी और पुलिस कॉन्स्टेबल संदीप ढोंगडे और तुषार सोनोने है।

ये भी पढ़े – नरेन्द्र मोदी की साध्वी प्रज्ञा से नाराजगी, कही अटल – मोदी की “राजधर्म” जैसी नाराजगी तो नही ?

मामला 4 साल पहले का है। 2015 में ये चारों यहाँ के प्रताप नगर ठाणे में कार्यरत थे। इन चारों ने संयुक्त रूप से रात में प्रतापनाग के एक डॉक्टर के यहाँ छापेमारी की। और डॉक्टर के स्टाफ को जान से मारने की धमकी देकर और डाक्टर पर जानलेवा हमला करने की धमकी दी। डॉक्टर उस समय घर पर थे। जब उनमें से एक डॉक्टर चैंबर में पुलिस को समझा रहा था,तो इन  पुलिस वालो ने उसे गंदी गन्दी गाली दी और उसे अपने वाहन में बैठने के लिए कहा। फिर उसे डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा। डॉक्टर द्वारा संपर्क किए जाने पर, आरोपी पुलिस ने डाक्टर पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी। पुलिस वालो ने डाक्टर को यह भी बताया कि उनके साथ मीडिया भी है, इसलिए उनकी बदनामी भी होगी। पुलिस वालो ने डाक्टर को साफ़ शब्दों में चेताया कि यदि आप मामले को दबाना चाहते हो, तो इसके एबज में 10 लाख रुपये देने होंगे।

ये भी पढ़े – मुंबई के प्रसिद्ध नायर अस्पताल की एक महिला डाक्टर द्वारा रैगिंग से उबकर आत्महत्या

डॉक्टर ने पुलिस के जबरदस्त दबाव के कारण और बदनामी से बचने के लिए रात में ही पुलिस टीम को 3 लाख रुपये दिए.तीन लाख मिलने के बावजूद इन आरोपी पुलिसवालो ने डॉक्टर को ब्लैकमेल करना जारी रखते हुए सात लाख रुपये के लिए डॉक्टर को  प्रताड़ित करते रहे। राशि की मांग करने वाले पीएसआई घोड़म का डॉक्टर के पास साबुत के तौर पर एक रिकॉर्डिंग मिल गया। उसी आधार पर भ्रष्ट्राचार निरोधी ब्यूरो में डाक्टर ने शिकायत दर्ज की । और एसीबी द्वारा विछाये गए जाल में चारो आरोपी पुलिस वाले रंगे हाथो पकडे गए। इसके बाद इन चारो के विरुद्ध वाले मामलों की विभागीय जांच शुरू की गई। इस जांच में पुलिस उप-निरीक्षक घोड़ाम, हलामी, शिपाई धोंग्डे और सोनोन को दोषी पाया गया। परिणामस्वरूप, सहायक पुलिस आयुक्त रवींद्र कदम ने चारों को पुलिस सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया। पुलिस विभाग में इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।

ये भी पढ़े – गांधी को अच्छे से पढ़ने वालों को चाहिए, एक बार गोडसे को भी पढ़ें

 

SourcesABI News

Please follow and like us:
error

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error

Enjoy this blog? Please spread the word :)

Facebook
Twitter
YouTube
Follow by Email